ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो) पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें। यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब https://vashikaran-specialist06172.newbigblog.com/46095715/the-lekin-jab-shani-atyadhik-prabhavi-ho-jaata-hai-diaries